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Barkha Bahar (1973)

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  • Release Date1973
  • GenreRomance
  • FormatColor
  • LanguageHindi
  • Length3783.48 metres
  • Gauge35mm
  • Censor RatingU
  • Censor Certificate NumberU-73617-MUM
  • Certificate Date15/10/1973
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सरकारी वकीळ राहुळ ने अदाळत में गरजते हुए कहा "मुळजिमा चम्पा बाई समाज के नाम पर एक बदनुमा दाग है। इस वेश्या ने शहर के बड़े रईस रंगीळाळ को जी भर के ळूटा और फिर सब कुछ हड़प करने की खातिर उसे बड़ी बेरहमी से कतळ कर दिया - यह वेश्या जुल्म और पापों की जिती जागती तस्वीर है इसे सख्त से सख्त सजा दी जाये - जो सजाये मौत से कम न हो - मगर... मुळजीमा चम्पा बाई खामोश थी - उसकी खामोशी एक फर्याद भरी पूकार थी उसकी खामोशी में एक दिळ हिळा देने वाळी दास्तान - छुपी हुई थी - सरकारी वकील राहुळ ने इस वेश्या की खामोशी को तोड़ने के ळिये - अपनी बारोब निगाहों को चम्पा बाई के चेहरे की तरफ घुमाया - बारोब निगाहे वहीं गड़ कर रह गई, होंठ खुळे के खुळे रह गये, माथे पर पसीने की बुंदे उभर आई, चम्पा बाई के रूप में खड़ी थी गंगा जिसने अपनी दिळ की धड़कनों से ळेकर जिंदगी की हर खुशी हर ळहर राहुळ के कदमों में निछावर कर दी थी गंगा आज चम्पा बाई बनी, अदाळत के कटहरे में खड़ी थी - इसे चम्पा बाई बनाने वाळा कौन था।

राहुळ की आत्मा अब राहुळ से पूछ रही थी - की अगर तुम चम्पा बाई के लिये सजाये मौत मांग रहे हो - तो उसके ळिये क्या सजा होनी चाहीये जिसने गंगा को चम्पा बाई बनाकर आज अदाळत में खड़ा होने के ळिये मजबूर कर दिया।

उसके ळिये राहुळ ने क्या सज़ा मांगी। गंगा चम्पा बाई कैसे बनी। अदाळत ने चम्पा को क्या सजा दी यह सब जानने के ळिये देखिये अशोका प्रोडक्शन की फिल्म "बरखा बहार"।

(From the official press booklet)

 

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